- सीताफल
- सूखी हुई फलियां जैसे कि राजमा, छोले, चना, लोबिया, अन्य किडनी बीन, कला लोबिया, किडनी बीन, ब्लैक बीन।
- शलजम, मूली (लाल और सफेद), लौकी
- कमल गट्टा (मखाना)
- सिंघाड़ा, चेस्टनट
- मूंगफली, अखरोट, काजू, बादाम जैसी गिरियां और फलों के बीज।
- तरबूज और खरबूजे के बीज।
- नारियल
- अमरूद, कटहल, चीकू और केले जैसे फल।
| याद रखें कि कैल्शियम वाले खाद्य पदार्थ सबसे अच्छे होते हैं क्योंकि इनमें अन्य पोषक तत्व, विटामिन और एंटी ऑक्सीडेंट भी होते हैं। |
यदि आप कैल्शियम को वैकल्पिक वस्तुओं के रूप में भी ले रहे हैं तो इसे 500 मिलीग्राम से अधिक न लें। ये विकल्प का काम करते हैं न कि पोषक का। ये पेट की गड़बडि़यों को बढ़ाते हैं और कभी-कभी गुर्दे में पथरी जमा देते हैं।
कैल्शियम के विकल्पों पर नजर डालते समय उनमें मौजूद कुल कैलोरी के योग का भी ध्यान रखें। |