साबुत अनाज अर्थात दाने के तीनों भागों को खाया जाता है जिसमें फाइबर युक्त बाहरी सतह और पोषकता से भरपूर बीज भी शामिल है।
साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थों में एक बाहरी खोल, भूसी या ब्रान (ऊपरी सतह), बीज और मुलायम एण्डोस्पर्म पाया जाता है। गेहूं की पिसाई के वक्त ऊपरी भूसी एवं बीज को हटा दिया जाता है एवं स्टार्ची एण्डोस्पर्म ही बच जाता है। भूसी एवं बीज से विटामिन ई, बी और अन्य तत्व जैसे कि जिंक, सेलीनियम, कॉपर, आयरन, मैगनीज एवं मैग्नीशियम आदि प्राप्त होते हैं। इनमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सभी साबुत अनाजों में अघुलनशील फाइबर पाये जाते हैं जो कि पाचन तंत्र के लिए अच्छे माने जाते हैं साथ ही कुछ घुलनशील फाइबर भी पाये जाते हैं जो रक्त में वांछित कोलेस्ट्रोल के स्तर को बढ़ाते हैं। खासतौर से जई, जौ और राई में घुलनशील फाइबर की मात्रा अधिक होती है, साबुत अनाजों में रूटीन (एक फ्लेवेनॉएड जो हृदय रोगों को कम करता है), लिग्नान्स, कई एंटीऑक्सीडैंट्स और अन्य लाभदायक पदार्थ पाये जाते हैं।
पहले ये माना जाता रहा है कि साबुत अनाज कई बीमारियों से बचाते हैं क्योंकि इसमें फाइबर की प्रचुरता पाई जाती है।
परन्तु नवीनतम खोजो से ये पुष्टि हुई कि साबुत अनाजों में फाइबर के अलावा कई विटामिनों के अनूठे मिश्रण, खनिज-लवण, फाइबर, अघुलनशील एंटी ऑक्सीडेंट्स और फाइटोस्टेरोल्स भी पाए जाते हैं जो शरीर को कई रोगों से बचाते हैं।
साबुत अनाजों से कई स्वास्थ्यकारी लाभ होते हैं। जो लोग साबुत अनाज खाते हैं उन्हें डायबिटीज, कोरोनरी धमनी रोग, पेट का कैंसर, और हाई ब्लड प्रैशर जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। साबुत अनाज स्वास्थ्य को सही रखने वाले पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। .
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